पेरिस कंजर्वेटरी की स्थापना 1795 में हुई थी। लेकिन उससे पहले कई संगीत संस्थान बने और बंद हुए। उनकी विफलता कोई अचानक घटना नहीं थी।
चार मुख्य कारण जो बार-बार सामने आए
- सिर्फ तकनीक पर जोर, भावना की अनदेखी। बच्चे नोट्स तो याद करते थे लेकिन संगीत को महसूस नहीं कर पाते थे। शिक्षक खुद भी यह अंतर नहीं समझाते थे।
- प्रदर्शन का दबाव बहुत जल्दी। 8-9 साल के बच्चों को सार्वजनिक मंच पर खड़ा कर दिया जाता था। असफलता उनके आत्मविश्वास को तोड़ती थी।
- माता-पिता की अपेक्षाएँ और स्कूल की दिशा अलग-अलग। इस टकराव में बच्चा बीच में फँस जाता था।
- एक ही शैली को सही मानना। जो बच्चे अलग ढंग से सोचते थे, उन्हें गलत बताया जाता था।
माता-पिता के लिए यह देखना ज़रूरी है कि जिस संगीत कक्षा में बच्चा जाता है, वहाँ सिर्फ परीक्षा की तैयारी हो रही है या संगीत से एक रिश्ता बन रहा है।
इतिहास बताता है कि जिन संस्थानों ने बच्चों को सुना, वो टिके। जिन्होंने नहीं सुना, वो बंद हो गए।